आज मैं बैंक में गया अपने खाते संबंधित कुछ जानकारी के लिए ।मैं बैठा इंतजार कर रहा था अभी अपने कार्य में प्रबंधक साहब कुछ व्यस्त थे ,इतने में देखा कि एक बुजुर्ग आए और उनकी और प्रबंधक के बीच कहासुनी होने लगी ।धीरे-धीरे वह गरमा गरम बहस में बदल गई जो मुझे सुनने में आया ।वह यह था कि बुजुर्ग के अकाउंट से कुछ पैसे बैंक ने काट लिए हैं, बैंक के हिसाब से वह चार्जेस थे और बुजुर्ग के हिसाब से यह कटौती थी जबरदस्ती वाली ।
खैर जब मैं बाद में मैनेजर साहब से मिला तो मैंनेजर साहब बड़े परेशान थे ।मैनेजर साहब से मैंने पूछा कि साहब क्या हुआ तो मैनेजर साहब बोले इन के अकाउंट में ₹80000000 पड़े हैं लेकिन इनके किसी कारण से ₹248 कट गए और यह पिछले 3 दिन से मुझे आकर धमकाते हैं कि मेरे पैसे तुमने बिना मतलब क्यों काटे ?मैं से बार-बार कह रहा हूं कि मैंने बैंक को लिखा है जवाब आएगा ,तो ठीक अगर कुछ बैंक ने नहीं किया तो यह ₹248 मैं आपके अकाउंट में जमा कर दूंगा .आप परेशान मत होइए .
मैं तब से सोच रहा हूं जिस के अकाउंट में ₹80000000 हो और उसकी उम्र 72 साल हो वह ₹248 के लिए क्यों परेशान होगा ? वह 80000000 तो अपने पूरे जीवन में खर्चा नही कर पाएगा फिर ₹248 के लिए इतनी परेशानी ?
No comments:
Post a Comment